राजपूतों की उत्पत्ति[संपादित करें]
राजपूत वंश की उत्पत्ति के विषय में विद्धानों के दो मत प्रचलित हैं- एक का मानना है कि राजपूतों की उत्पत्ति विदेशी है, जबकि दूसरे का मानना है कि राजपूतों की उत्पत्ति भारतीय है। 12वीं शताब्दी के बाद के उत्तर भारत के इतिहास को टॉड ने 'राजपूत काल' भी कहा है। कुछ इतिहासकारों ने प्राचीन काल एवं मध्य काल को 'संधि काल' भी कहा है। इस काल के महत्वपूर्ण राजपूत वंशों में राष्ट्रकूट वंश, दहिया वन्श, डांगी वंश, चालुक्य वंश, चौहान वंश,कटहरिय़ा वंश, चन्देल वंश, सैनी, परमार वंश एवं गहड़वाल वंश आदि आते हैं।राजपूत सुध्ध रूप से १००% भारतीय है ,इन्हें राम और कृष्ण के वंस से माना गया है ! , हर्षवर्धन की मृत्यु के उपरान्त जिन महान शक्तियों का उदय हुआ था, उनमें अधिकांश राजपूत वर्ग के अन्तर्गत ही आते थे।ऐजेन्ट टोड ने 12वीं शताब्दी के उत्तर भारत के इतिहास को 'राजपूत काल' भी कहा है। कुछ इतिहासकारों ने प्राचीन काल एवं मध्य काल को 'संधि काल' भी कहा है। इस काल के महत्त्वपूर्ण राजपूत वंशों में राष्ट्रकूट वंश, चालुक्य वंश, चौहान वंश, चंदेल वंश, परमार वंश एवं गहड़वाल वंश आदि आते हैं।
विदेशी उत्पत्ति के समर्थकों में महत्वपूर्ण स्थान 'कर्नल जेम्स टॉड' का है। वे राजपूतों को विदेशी सीथियन जाति की सन्तान मानते हैं। तर्क के समर्थन में टॉड ने दोनों जातियों (राजपूत एवं सीथियन) की सामाजिक एवं धार्मिक स्थिति की समानता की बात कही है। उनके अनुसार दोनों में रहन-सहन, वेश-भूषा की समानता, मांसाहार का प्रचलन, रथ के द्वारा युद्ध को संचालित करना, याज्ञिक अनुष्ठानों का प्रचलन, अस्त्र-शस्त्र की पूजा का प्रचलन आदि से यह प्रतीत होता है कि राजपूत सीथियन के ही वंशज थे।
विलियम क्रुक ने 'कर्नल जेम्स टॉड' के मत का समर्थन किया है। 'वी.ए. स्मिथ' के अनुसार शक तथा कुषाण जैसी विदेशी जातियां भारत आकर यहां के समाज में पूर्णतः घुल-मिल गयीं। इन देशी एवं विदेशी जातियों के मिश्रण से ही राजपूतों की उत्पत्ति हुई।
भारतीय इतिहासकारों में 'ईश्वरी प्रसाद' एवं 'डी.आर. भंडारकर' ने भारतीय समाज में विदेशी मूल के लोगों के सम्मिलित होने को ही राजपूतों की उत्पत्ति का कारण माना है। भण्डारकर, कनिंघम आदि ने इन्हे विदेशी बताया है। । इन तमाम विद्वानों के तर्को के आधार पर निष्कर्षतः यह कहा जा सकता है कि, यद्यपि राजपूत क्षत्रियों के वंशज थे, फिर भी उनमें विदेशी रक्त का मिश्रण अवश्य था। अतः वे न तो पूर्णतः विदेशी थे, न तो पूर्णत भारतीय।
सूर्य वन्श की शाखायें:-
१. कछवाह २. राठौड ३. मौर्य ४. सिकरवार ५. सिसोदिया ६.गहलोत ७.गौर ८.गहलबार ९.रेकबार १०. बडगूजर 11.बिष्ट 12.कलहश 13. कटहरिय़ा
चन्द्र वंश की शाखायें:-
1.जादौन 2 भाटी ३ मकवाना [झाला] 5.तन्वर 6 चन्देल 7 .छोंकर 8 होंड 9 पुण्डीर 10.कटैरिया 11´दहिया 12. वैस
अग्नि वन्श की शाखायें:-'
१.परिहार २.सोलंकी ३.चौहान ४.परमार/ पंवार
ऋषिवंश की बारह शाखायें:-
१.सेंगर२.दीक्षित३.दायमा४.गौतम५.अनवार (राजा जनक के वंशज)६.विसेन७.करछुल८.हय९.अबकू तबकू १०.कठोक्स ११.द्लेला १२.बुन्देला चौहान वंश की चौबीस शाखायें:-
१.हाडा २.खींची ३.सोनीगारा ४.पाविया ५.पुरबिया ६.संचौरा ७.मेलवाल८. भदौरिया ९.निर्वाण १०.मलानी ११.धुरा १२.मडरेवा १३.सनीखेची १४.वारेछा १५.पसेरिया १६.बालेछा १७.रूसिया १८.चांदा१९.निकूम २०.भावर २१.छछेरिया २२.उजवानिया २३.देवडा २४.बनकर
राजपूत जातियो की सूची[संपादित करें]
| क्रमांक | नाम | गोत्र | वंश | स्थान और जिला |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सूर्यवंशी | कश्यप | सूर्य | बुलन्दशहर आगरा मेरठ अलीगढ |
| 2 | कलहश | आग्निश | कलहशवंशी, सूर्यवंशी | प्राचीन राजपूताना और बस्ती बलिया उत्तर प्रदेश, राजस्थान |
| 3 | गुहिलवन्शी सिसोदिया | बैजपायन्,काश्यप | सूर्य | महाराणा उदयपुर स्टेट |
| 4 | कछवाहा | मानव्य् | सूर्य | महाराजा जयपुर और ग्वालियर राज्य |
| 5 | राठोड | कश्यप, | सूर्य | जोधपुर बीकानेर और पूर्व और मालवा |
| 6 | सोमवंशी | अत्रैय | चन्द | प्रतापगढ और जिला हरदोई |
| 7 | यदुवंशी | अत्रैय | चन्द | राजकरौली राजपूताने में |
| 8 | भाटी | अत्रय | जादौन | महारजा ज���सलमेर राजपूताना |
| 9 | जाडेचा | अत्रय | यदुवंशी | महाराजा कच्छ भुज |
| 10 | जादवा | अत्रय | जादौन शाखा | अवा. कोटला ऊमरगढ आगरा |
| 11 | तन्वर | व्याघ्र | चन्द | पाटन के राव तंवरघार जिला ग्वालियर |
| 12 | कटियार | व्याघ्र | तोंवर | धरमपुर का राज और हरदोई |
| 13 | पालीवार | व्याघ्र | तोंवर | गोरखपुर |
| 14 | परिहार | कौशल्य | सूर्य | मंडोर (जोधपुर) एवं मध्यप्रदेश |
| 15 | तखी | कौशल्य | सूर्य, परिहार | पंजाब कांगडा जालंधर जम्मू में |
| 16 | पंवार | वशिष्ठ | सूर्य | मालवा मेवाड धौलपुर पूर्व मे बलिया |
| 17 | सोलंकी | भारद्वाज | चन्द्र | राजपूताना मालवा सोरों जिला एटा |
| 18 | चौहान | वत्स | सूर्य | राजपूताना पूर्व और सर्वत्र |
| 19 | बिष्ट | भारद्वाज | सूर्यवंशी | प्राचीन में राजपूताना, यू.पी. |
| 20 | गुहिलवन्शी गहलोत | बैजपायण | सूर्य | मथुरा कानपुर और पूर्वी जिले |
| 21 | हाडा | वत्स | चौहान | कोटा बूंदी और हाडौती देश |
| 22 | खींची | वत्स | चौहान | खींचीवाडा मालवा ग्वालियर |
| 23 | भदौरिया | वत्स | अग्निवंश | नौगंवां पारना आगरा इटावा गालियर भिन्ड और भदावर स्टेट |
| 24 | देवडा | वत्स | चौहान | राजपूताना सिरोही राज |
| 25 | शम्भरी | वत्स | चौहान | नीमराणा रानी का रायपुर पंजाब |
| 26 | बच्छगोत्री | वत्स | चौहान | प्रतापगढ सुल्तानपुर |
| 27 | राजकुमार | वत्स | चौहान | दियरा कुडवार फ़तेहपुर जिला |
| 28 | पवैया | वत्स | चौहान | ग्वालियर |
| 29 | गौर,गौड | भारद्वाज | सूर्य | शिवगढ रायबरेली कानपुर लखनऊ |
| 30 | वैस | भारद्वाज | चन्द्र | उन्नाव रायबरेली मैनपुरी पूर्व में |
| 31 | गेहरवार | कश्यप | सूर्य | माडा हरदोई उन्नाव बांदा पूर्व |
| 32 | सेंगर | गौतम | ब्रह्मक्षत्रिय | जगम्बनपुर भरेह इटावा जालौन |
| 33 | कनपुरिया | भारद्वाज | ब्रह्मक्षत्रिय | पूर्व में राजाअवध के जिलों में हैं |
| 34 | बिसैन | वत्स | ब्रह्मक्षत्रिय | गोरखपुर बलिया सलेमपुर देवरिया गोंडा प्रतापगढ में हैं |
| 35 | निकुम्भ | वशिष्ठ | सूर्य | गोरखपुर आजमगढ हरदोई जौनपुर |
| 36 | सिरसेत | भारद्वाज | सूर्य | गाजीपुर बस्ती गोरखपुर |
| 37 | च्चाराणा | दहिया | चन्द | जालोर, सिरोही केर्, घटयालि, साचोर, गढ बावतरा, |
| 38 | कटहरिया | वशिष्ठ या भारद्वाज | सूर्य | नाहिल पुवाय़ाँ खुटार बरेली बंदायूं मुरादाबाद शहाजहांपुर |
| 39 | वाच्छिल | अत्रयवच्छिल | चन्द्र | मथुरा बुलन्दशहर शाहजहांपुर |
| 40 | बढगूजर | वशिष्ठ | सूर्य | अनूपशहर एटा अलीगढ मैनपुरी मुरादाबाद हिसार गुडगांव जयपुर |
| 41 | मकवाना ॥ झाला | मरीच कश्यप | चन्द्र | धागधरा मेवाड झालावाड कोटा हिनोतिया मालवा |
| 42 | गौतम | गौतम | ब्रह्मक्षत्रिय | राजा अर्गल फ़तेहपुर |
| 43 | रैकवार | भारद्वाज | सूर्य | बहरायच सीतापुर बाराबंकी |
| 44 | करचुल हैहय | कृष्णात्रेय | चन्द्र | बलिया फ़ैजाबाद अवध |
| 45 | चन्देल | चान्द्रायन | चन्द्रवंशी | गिद्धौर कानपुर फ़र्रुखाबाद बुन्देलखंड पंजाब गुजरात |
| 46 | जनवार | कौशल्य | सोलंकी शाखा | बलरामपुर अवध के जिलों में |
| 47 | बहरेलिया | भारद्वाज | वैस की गोद सिसोदिया | रायबरेली बाराबंकी |
| 48 | दीत्तत | कश्यप | सूर्यवंश की शाखा | उन्नाव बस्ती प्रतापगढ जौनपुर रायबरेली बांदा |
| 49 | सिलार | शौनिक | चन्द्र | सूरत राजपूतानी |
| 50 | सिकरवार | सांकृत | सूर्य | ग्वालियर आगरा और उत्तरप्रदेश में |
| 51 | सुरवार | गर्ग | सूर्य | कठियावाड में |
| 52 | सुर्वैया | वशिष्ठ | यदुवंश | काठियावाड |
| 53 | मौर्य | गौतम | सूर्य | बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान |
| 54 | टांक (तत्तक) | शौनिक | नागवंश | मैनपुरी और पंजाब |
| 55 | गुप्त | गार्ग्य | चन्द्र | अब इस वंश का पता नही है |
| 56 | कौशिक | कौशिक | चन्द्र | बलिया आजमगढ गोरखपुर |
| 57 | भृगुवंशी | भार्गव | चन्द्र | वनारस बलिया आजमगढ गोरखपुर |
| 58 | गर्गवंशी | गर्ग | ब्रह्मक्षत्रिय | नृसिंहपुर सुल्तानपुर , मार्टींनगँज आजमगढ |
| 59 | पडियारिया, | देवल,सांकृतसाम | ब्रह्मक्षत्रिय | राजपूताना |
| 60 | ननवग | कौशल्य | चन्द्र | जौनपुर जिला |
| 61 | वनाफ़र | पाराशर,कश्यप | चन्द्र | बुन्देलखन्ड बांदा वनारस |
| 62 | जैसवार | कश्यप | यदुवंशी | मिर्जापुर एटा मैनपुरी |
| 63 | नैय्दु | वैक्ला | सूर्य | दक्षिण मद्रास तमिलनाडु अन्ध्र कर्नाटक में |
| 64 | निमवंशी | कश्यप | सूर्य | संयुक्त प्रांत |
| 65 | वैनवंशी | वैन्य | सोमवंशी | मिर्जापुर |
| 66 | दाहिमा | गार्गेय | ब्रह्मक्षत्रिय | काठियावाड राजपूताना |
| 67 | पुण्डीर | कपिल | ब्रह्मक्षत्रिय | पंजाब गुजरात रींवा यू.पी. |
| 68 | तुलवा | आत्रेय | चन्द्र | राजाविजयनगर |
| 69 | कटोच | कश्यप | ब्रह्मक्षत्रिय | राजानादौन कोटकांगडा |
| 70 | चावडा,पंवार,चोहान,वर्तमान कुमावत | वशिष्ठ | पंवार की शाखा | मलवा रतलाम उज्जैन गुजरात मेवाड |
| 71 | अहवन | वशिष्ठ | चावडा,कुमावत | खेरी हरदोई सीतापुर बारांबंकी |
| 72 | डौडिया | वशिष्ठ | चौहान शाखा | गुजरात मेवाड बुलंदशहर मुरादाबाद बांदा गल्वा पंजाब |
| 73 | गोहिल | बैजबापेण | गहलोत शाखा | काठियावाड |
| 74 | बुन्देला | कश्यप | गहरवारशाखा | बुन्देलखंड के रजवाडे |
| 75 | काठी | कश्यप | गहरवारशाखा | काठियावाड झांसी बांदा |
| 76 | जोहिया | पाराशर | चन्द्र | पंजाब देश मे |
| 77 | गढावंशी | कांवायन | चन्द्र | गढावाडी के लिंगपट्टम में |
| 78 | मौखरी | अत्रय | चन्द्र | प्राचीन राजवंश था |
| 79 | लिच्छिवी | कश्यप | सूर्य | प्राचीन राजवंश था |
| 80 | बाकाटक | विष्णुवर्धन | सूर्य | अब पता नहीं चलता है |
| 81 | पाल | कश्यप | सूर्य | यह वंश सम्पूर्ण भारत में बिखर गया है |
| 82 | सैन | अत्रय | ब्रह्मक्षत्रिय | यह वंश भी भारत में बिखर गया है |
| 83 | कदम्ब | मान्डग्य | ब्रह्मक्षत्रिय | दक्षिण महाराष्ट्र मे हैं |
| 84 | पोलच | भारद्वाज | ब्रह्मक्षत्रिय | दक्षिण में मराठा के पास में है |
| 85 | बाणवंश | कश्यप | असुरवंश | श्री लंका और दक्षिण भारत में,कैन्या जावा में |
| 86 | काकुतीय | भारद्वाज | चन्द्र,प्राचीन सूर्य था | अब पता नही मिलता है |
| 87 | सुणग वंश | भारद्वाज | चन्द्र,पाचीन सूर्य था | अब पता नही मिलता है |
| 88 | दहिया | कश्यप | राठौड शाखा | मारवाड में जोधपुर |
| 89 | जेठवा | कश्यप | हनुमानवंशी | राजधूमली काठियावाड |
| 90 | मोहिल | वत्स | चौहान शाखा | महाराष्ट्र मे है |
| 91 | बल्ला | भारद्वाज | सूर्य | काठियावाड मे मिलते हैं |
| 92 | डाबी | वशिष्ठ | यदुवंश | राजस्थान |
| 93 | खरवड | वशिष्ठ | यदुवंश | मेवाड उदयपुर |
| 94 | सुकेत | भारद्वाज | गौड की शाखा | पंजाब में पहाडी राजा |
| 95 | पांड्य | अत्रय | चन्द | अब इस वंश का पता नहीं |
| 96 | पठानिया | पाराशर | वनाफ़रशाखा | पठानकोट राजा पंजाब |
| 97 | बमटेला | शांडल्य | विसेन शाखा | हरदोई फ़र्रुखाबाद |
| 98 | बारहगैया | वत्स | चौहान | गाजीपुर |
| 99 | भैंसोलिया | वत्स | चौहान | भैंसोल गाग सुल्तानपुर |
| 100 | चन्दोसिया | भारद्वाज | वैस | सुल्तानपुर |
| 101 | चौपटखम्ब | कश्यप | ब्रह्मक्षत्रिय | जौनपुर |
| 102 | धाकरे | भारद्वाज(भृगु) | ब्रह्मक्षत्रिय | आगरा मथुरा मैनपुरी इटावा हरदोई बुलन्दशहर |
| 103 | धन्वस्त | यमदाग्नि | ब्रह्मक्षत्रिय | जौनपुर आजमगढ वनारस |
| 104 | धेकाहा | कश्यप | पंवार की शाखा | भोजपुर शाहाबाद |
| 105 | दोबर(दोनवर) | वत्स या कश्यप | ब्रह्मक्षत्रिय | गाजीपुर बलिया आजमगढ गोरखपुर |
| 106 | हरद्वार | भार्गव | चन्द्र शाखा | आजमगढ |
| 107 | जायस | कश्यप | राठौड की शाखा | रायबरेली मथुरा |
| 108 | जरोलिया | व्याघ्रपद | चन्द्र | बुलन्दशहर |
| 109 | जसावत | मानव्य | कछवाह शाखा | मथुरा आगरा |
| 110 | जोतियाना(भुटियाना) | कश्यप | कछवाह शाखा | मुजफ़्फ़रनगर मेरठ |
| 109 | घोडेवाहा | मानव्य | कछवाह शाखा | लुधियाना होशियारपुर जालन्धर |
| 110 | कछनिया | शान्डिल्य | ब्रह्मक्षत्रिय | अवध के जिलों में |
| 111 | काकन | भृगु | ब्रह्मक्षत्रिय | गाजीपुर आजमगढ |
| 112 | कासिब | कश्यप | कछवाह शाखा | शाहजहांपुर |
| 113 | किनवार | कश्यप | सेंगर की शाखा | पूर्व बंगाल और बिहार में |
| 114 | बरहिया | गौतम | सेंगर की शाखा | पूर्व बंगाल और बिहार |
| 115 | लौतमिया | भारद्वाज | बढगूजर शाखा | बलिया गाजी पुर शाहाबाद |
| 116 | मौनस | मानव्य | कछवाह शाखा | मिर्जापुर प्रयाग जौनपुर |
| 117 | नगबक | मानव्य | कछवाह शाखा | जौनपुर आजमगढ मिर्जापुर |
| 118 | पलवार | व्याघ्र | सोमवंशी शाखा | आजमगढ फ़ैजाबाद गोरखपुर |
| 119 | रायजादे | पाराशर | चन्द्र की शाखा | पूर्व अवध में |
| 120 | सिंहेल | कश्यप | सूर्य | आजमगढ परगना मोहम्दाबाद |
| 121 | तरकड | कश्यप | दीक्षित शाखा | आगरा मथुरा |
| 122 | तिसहिया | कौशल्य | परिहार | इलाहाबाद परगना हंडिया |
| 123 | तिरोता | कश्यप | तंवर की शाखा | आरा शाहाबाद भोजपुर |
| 124 | उदमतिया | वत्स | ब्रह्मक्षत्रिय | आजमगढ गोरखपुर |
| 125 | भाले | वशिष्ठ | पंवार | अलीगढ |
| 126 | भालेसुल्तान | भारद्वाज | वैस की शाखा | रायबरेली लखनऊ उन्नाव |
| 127 | जैवार | व्याघ्र | तंवर की शाखा | दतिया झांसी बुन्देलखंड |
| 128 | सरगैयां | व्याघ्र | सोमवंश | हमीरपुर बुन्देलखण्ड |
| 129 | किसनातिल | अत्रय | तोमरशाखा | दतिया बुन्देलखंड |
| 130 | टडैया | भारद्वाज | सोलंकीशाखा | झांसी ललितपुर बुन्देलखंड |
| 131 | खागर | अत्रय | यदुवंश शाखा | जालौन हमीरपुर झांसी |
| 132 | पिपरिया | भारद्वाज | गौडों की शाखा | बुन्देलखंड |
| 133 | सिरसवार | अत्रय | चन्द्र शाखा | बुन्देलखंड |
| 134 | खींचर | वत्स | चौहान शाखा | फ़तेहपुर में असौंथड राज्य |
| 135 | खाती | कश्यप | दीक्षित शाखा | बुन्देलखंड,(राजस्थान में कम संख्या होने के कारण इन्हे बढई गिना जाने लगा) |
| 136 | आहडिया | बैजवापेण | गहलोत | आजमगढ |
| 137 | उदावत | बैजवापेण | गहलोत | आजमगढ |
| 138 | उजैने | वशिष्ठ | पंवार | आरा डुमरिया |
| 139 | अमेठिया | भारद्वाज | गौड | अमेठी लखनऊ सीतापुर |
| 140 | दुर्गवंशी | कश्यप | दीक्षित | राजा जौनपुर राजाबाजार |
| 141 | बिलखरिया | कश्यप | दीक्षित | प्रतापगढ उमरी राजा |
| 142 | डोगरा | कश्यप | सूर्य | कश्मीर राज्य,हिमाचल प्रदेश और बलिया |
| 143 | निर्वाण | वत्स | चौहान | राजपूताना (राजस्थान) |
| 144 | जाटू | व्याघ्र | तोमर | राजस्थान,हिसार पंजाब |
| 145 | नरौनी | मानव्य | कछवाहा | बलिया आरा |
| 146 | भनवग | भारद्वाज | कनपुरिया | जौनपुर |
| 147 | गिदवरिया | वशिष्ठ | पंवार | बिहार मुंगेर भागलपुर |
| 148 | बघेल | कश्यप | सूर्य | रीवा राज्य में बघेलखंड |
| 149 | कटारिया | भारद्वाज | सोलंकी | झांसी मालवा बुन्देलखंड |
| 150 | रजवार | वत्स | चौहान | पूर्व मे बुन्देलखंड |
| 151 | द्वार | व्याघ्र | तोमर | जालौन झांसी हमीरपुर |
| 152 | इन्दौरिया | व्याघ्र | तोमर | आगरा मथुरा बुलन्दशहर |
| 153 | संथवार/सैंथवार-मल्ल(सिंहतवार) | वत्स, कश्यप, भारद्वाज,... | सूर्य वंश, चन्द्र वंश, नाग वंश (पूर्वज-शाक्य-बौद्ध युगीन प्राचीन क्षत्रिय) | गोरखपुर, कुशीनगर (प्राचीन राजवंश था) |
| 154 | जांगडा | वत्स | चौहान | बुलन्दशहर पूर्व में झांसी |
| 155 | हैहैय्वन्श् | नारायण् | सूर्य | प्राचीन राज वंश,बलिया |
| 156 | निकुम्भ | बशिस्थ | सूर्य | जोनपुर, केरक���, अकबपुर |
| 157 | वाणा | कश्यप् | सूर्य | ढांक,तणाजा,वलभिपुर,वणा |
| 158 | राठोड | शान्डिल्य | सूर्य | सीतामढ़ी(बिहार),हाजीपुर,मारवाड़ |
| 159 | छोकर | अत्रय | यदुवंश | अलीगढ मथुरा बुलन्दशहर |
| 160 | सवनेर | व्याघ्रपदी | सोमवंश-शाखाचन्द्रवंश (तंवर,तोमर की शाखा) | निमाड़ (खंडवा,खरगोन,बडवानी,हरदा जिला ) |
| 161 | बिष्ट | शान्डिल्य | सूर्यवंशी | प्राचीन राजपूताना और यू.पी |